पोकर में फ़्लश क्या होती है: बनती कैसे है और बड़ी कौन सी
स्तर 2 · सबक़ 7 / 103 मिनट में पढ़ें
फ़्लश बनती कैसे है
एक ही सूट के पाँच कार्ड चाहिए। रैंक कोई भी पाँच हों, किसी भी क्रम में, और उनका आपस में जुड़ा होना ज़रूरी नहीं।







आपके दो हार्ट्स और बोर्ड के तीन मिलकर पाँच पूरे कर देते हैं, इसलिए 2♣ और 5♦ फ़ालतू पड़कर बाहर हो जाते हैं। बेस्ट फ़ाइव कार्ड्स का नियम यही रोज़ का काम करता है: सात कार्ड सामने, गिनती पाँच की।
माँग सिर्फ़ सूट की है। A♥ K♥ 9♥ 7♥ 4♥ भी फ़्लश है और 8♦ 6♦ 5♦ 3♦ 2♦ भी, और छोटी वाली तब तक कमतर नहीं जब तक उसका सामना किसी बड़ी से न हो जाए।
दो फ़्लश आमने-सामने हों तो जीतती कौन सी है
जिसके पास सबसे ऊँचा कार्ड हो। हार्ट्स स्पेड्स से बड़े नहीं होते, क्योंकि होल्डेम में सूट का कोई दर्जा नहीं होता।









सामने वाले की किंग-क्वीन-जैक-नाइन-फ़ोर सचमुच मज़बूत फ़्लश है, और उसकी बारी पहले कार्ड से आगे कभी नहीं आती। ऐस वाली फ़्लश को नट फ़्लश कहते हैं — वह शक्ल, जिसे कोई हरा ही नहीं सकता, और इसीलिए सूट का ऐस हाथ में होना सबसे बड़ी बात मानी जाती है।
यहाँ पाँच में से तीन हार्ट्स दोनों के साझे हैं, यानी दोनों एक ही बोर्ड से बना रहे हैं। फ़्लश की लड़ाई अमूमन इसी शक्ल में आती है — ज़्यादातर हिस्सा बोर्ड देता है, और फ़ैसला उस कार्ड से होता है जो किसी के हाथ में सबसे ऊँचा हो।
फ़्लश कितनी बार बनती है
लगभग 3% बार — यानी रिवर तक पहुँचने वाले हर 33 में से क़रीब एक हैंड।
बोर्ड पर एक ही सूट के तीन कार्ड आए दिन पड़े मिलते हैं, इसलिए क़रीब पहुँचकर चूकना आम है और पूरी बनी फ़्लश कहीं कम।
यही कम मिलना रैंकिंग का क्रम भी तय करता है: फ़्लश स्ट्रेट से कम बार बनती है, और ठीक इसीलिए वह स्ट्रेट को हराती है। पूरा क्रम एक ही चार्ट में पोकर हैंड रैंकिंग में है।
ख़ुद को परखें
होल्डेम का हैंड लगभग कितनी बार फ़्लश बनकर ख़त्म होता है?
ये शक्लें भी मिलेंगी
- फ़्लश और फ़्लश ड्रॉ अलग चीज़ें हैं। फ़्लश बन चुकी है; फ़्लश ड्रॉ में उसकी तरफ़ चार कार्ड हैं और एक कार्ड आना बाक़ी है। दोनों मेज़ पर लगभग एक जैसे दिखते हैं और उनकी क़ीमत ज़मीन-आसमान की है — फ़्लश ड्रॉ क्या होता है पूरा उसी पर है।
- बोर्ड पर ही एक सूट के चार कार्ड। ऐसे बोर्ड पर उस सूट का एक भी कार्ड जिसके हाथ में हो, उसकी फ़्लश बन जाती है। आपके पास एक भी न हो तो ज़्यादा से ज़्यादा यह बोर्ड से खेलना (playing the board) होता है।
- स्ट्रेट फ़्लश। एक ही सूट के वे पाँच कार्ड जो क्रम में भी हों, फ़्लश रह ही नहीं जाते — वे खेल का दूसरे नंबर का हैंड बन जाते हैं। यह बड़ी फ़्लश नहीं, एक दर्जा ऊपर का अलग हैंड है।
- वह फ़्लश जो बँट जाती है। बोर्ड के पाँचों कार्ड एक ही सूट के हों और किसी के पास उनसे ऊँचा कार्ड न हो, तो बोर्ड ही सबका हैंड है और पॉट बँट जाता है।
फ़्लश से जुड़ी बाक़ी शब्दावली शुरुआती खिलाड़ियों के लिए पोकर शब्द में रखी है।
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